चाँद को देखता था हर रोज़ आसमान में, कभी ये मेरे भी करीब होगा आज मुट्ठी में हे चांदनी मगर, हथेली की तक़दीर भी दिखती नहीं ———- इस कदर तेरे साथ को तरसते रहे हर दम तब तक तेरे साथ की लेकिन ये हालत होगी हमको खबर ना थी ———- कहते हैं लोग, खुदा नहीं [...]
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कुछ और शायरी
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, tagged मुक्तक, शायरी, Hindi, Literature, Maheep, Poem, reletions, reletionship, Sher on अक्टूबर 6, 2009 | 2 Comments »
रिश्ते
Posted in कविता, साहित्य, Gazal, Hindi Poems, Life, tagged रिश्ते, Hindi, Literature, Maheep, Poem, reletions, reletionship on जुलाई 30, 2009 | Leave a Comment »
रिश्ते बहुत हैं इस संसार में, हर किसी को थोड़ा वक़्त चाहिए, मैं भी दुखी होता हूँ कभी कभी, मुझे भी किसी का प्यार चाहिए यूँ तो उन्होने मुझे थामा हे, दरिया के किनारे पर कई बार तूफ़ानी मझधार जब हो राह में, ऐसे मे भी किसी का साथ चाहिए. मैने कहा था एक बार [...]