रिश्ते बहुत हैं इस संसार में, हर किसी को थोड़ा वक़्त चाहिए, मैं भी दुखी होता हूँ कभी कभी, मुझे भी किसी का प्यार चाहिए यूँ तो उन्होने मुझे थामा हे, दरिया के किनारे पर कई बार तूफ़ानी मझधार जब हो राह में, ऐसे मे भी किसी का साथ चाहिए. मैने कहा था एक बार [...]
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रिश्ते
Posted in कविता, साहित्य, Gazal, Hindi Poems, Life, tagged रिश्ते, Hindi, Literature, Maheep, Poem, reletions, reletionship on जुलाई 30, 2009 | Leave a Comment »