मैं मंदिर जाता हूँ हर रोज़, अब कोई मुझे शराबी नहीं कहता कलयुग हे, चलता हे; यहाँ कोई देर तक पापी नहीं रहता यूँ तो मैं सुनाता हूँ कहानी हिरण्यकश्यप की सबको पर मस्जिद के खंभो मे मुझे कभी ईश्वर नहीं दिखता मंदिर के घंटी और भजन सुरीले करता हूँ हर रोज़ तो क्या हुआ [...]
Archive for the ‘Life’ Category
मंदिर
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Life, tagged ईश्वर, मंदिर, Hindi, Ishwer, khuda, Literature, Maheep, Maheep Saraf, Poem on अक्टूबर 6, 2009 | 1 Comment »
कुछ और शायरी
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, tagged मुक्तक, शायरी, Hindi, Literature, Maheep, Poem, reletions, reletionship, Sher on अक्टूबर 6, 2009 | 2 Comments »
चाँद को देखता था हर रोज़ आसमान में, कभी ये मेरे भी करीब होगा आज मुट्ठी में हे चांदनी मगर, हथेली की तक़दीर भी दिखती नहीं ———- इस कदर तेरे साथ को तरसते रहे हर दम तब तक तेरे साथ की लेकिन ये हालत होगी हमको खबर ना थी ———- कहते हैं लोग, खुदा नहीं [...]
शायरी/मुक्तक
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, tagged मुक्तक, शायरी, Hindi, Literature, Maheep, Poem, Sher on अक्टूबर 6, 2009 | 5 Comments »
लोग मिलतें हैं महफिलों में, हज़ार चेहरों को बदल कर काम के वक़्त किसी भी अपने का चेहरा नहीं मिलता ———- कुछ लोग मेरे घर आये थे, गली में मंदिर बन रहा हे हर शाम मयखाने में अब भीड़ बढ़ने लगी हे ———- कुछ इस तरह का बदलाव इंसान में आया हे हर जगह उसमे [...]
रिश्ते
Posted in कविता, साहित्य, Gazal, Hindi Poems, Life, tagged रिश्ते, Hindi, Literature, Maheep, Poem, reletions, reletionship on जुलाई 30, 2009 | Leave a Comment »
रिश्ते बहुत हैं इस संसार में, हर किसी को थोड़ा वक़्त चाहिए, मैं भी दुखी होता हूँ कभी कभी, मुझे भी किसी का प्यार चाहिए यूँ तो उन्होने मुझे थामा हे, दरिया के किनारे पर कई बार तूफ़ानी मझधार जब हो राह में, ऐसे मे भी किसी का साथ चाहिए. मैने कहा था एक बार [...]
वर्तमान
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, tagged बचपन, वर्तमान, Hindi, Literature, Maheep, Poem, Riot on जुलाई 15, 2009 | 1 Comment »
This poem I wrote last year during those serial blast in Mumbai, ahemdabad, jaipur, while watching some kids playing, from window of my flat in Mumbai.
हँसी
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, tagged हँसी, Hindi, Literature, Maheep, Poem on जुलाई 15, 2009 | 4 Comments »
हिरण हो वन में या तरंग पवन में दीपक हो जैसे तमस सघन में मीठी भोली हँसी तुम्हारी छाव मिली हो भारी तपन में वीणा की राग या भंवरे की गुंजन शाम की वेला मे इश् का वंदन हँसना मुस्कराना खिलखिलाना तेरा पावन जैसे दमकता कुन्दन
आहट
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, tagged आहट, Hindi, Literature, Maheep, Poem on जुलाई 15, 2009 | 2 Comments »
कुछ जादू सा हे आज इन हवाओं में, जानी पहचानी सी सरगम हे इन सदाओं मे जाने क्यों तेरी आहट सी लगती हे ये जो महक सी हे इन फिजाओं में ये वादियाँ जो गीत गुनगुनाती हे कुछ रंग नये हैं आज इन दिशाओं में तेरी याद जो जाती हे छूकर मेरे दिल को रंगत [...]
अकेला
Posted in कविता, ग़ज़ल, साहित्य, हिन्दी, Gazal, Hindi Poems, Life, tagged Hindi, Literature, Maheep, Poem on अप्रैल 8, 2009 | Leave a Comment »
खोया खोया हूँ कई दिनों से, किस वज़ह से मुझे पता नहीं घना अंधेरा छाया हे नभ में, पर दिखती कोई घटा नहीं राह कटे साथ हो कोई, तब मंज़िल की परवाह नहीं एक सफ़र हे लंबा लेकिन, मिला मुझे हमराह नहीं आगे चलता रहता हूँ पर, खुशियों का भी साथ नहीं अपने सारे दूर [...]
युवा
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Life, tagged Hindi, Literature, Maheep, Poem on फ़रवरी 9, 2009 | 1 Comment »
पल पल हर्षित , हर पल गर्वित नई उड़ान और नयी अभिलाषा कर्म प्रतीक हाथों के संग हम लिखें नवीन जीवन परिभाषा मन मे गजब उत्साह लिए नयनों मे कल्पित कल की आशा भाग्य हमारा खुद लिखते हम मेहनत की हे जिसकी भाषा तपिश हमारी सह ना सकेगा तब दमक उठेगा विश्व समुचा जब विसरित [...]
जिंदगी
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Life, tagged Hindi, Literature, Maheep, Poem on फ़रवरी 9, 2009 | 1 Comment »
मैं नहीं जानता कहाँ जा रही हे ये जिंदगी क्यों ये धड़कने मेरी आवाज़ मुझको देती हे क्यों साँसों मे मेरी मधुर संगीत नहीं हे मंज़िल तलाशती इन नज़रों की वो आरज़ू क्या हे. शायद हाँ शायद इसी लिए आवाज़ देता हूँ एक राही को जो हमसफर बन सके एक प्यार को जो धड़कन मे [...]