तेरे चेहरे पर ये गुस्सा ग़ज़ब हे, बहुत सताता हे याद तो इसकी भी आती हे, तेरे जाने के बाद —————————— ये वादा किया था उनसे मैं आऊंगा मिलने हर हाल में वापस थोडा वक़्त और लगेगा एक बार मौत को धोखा देने में शायद —————————— सपने हकीकत में बदलते क्यों नहीं, वो साथ हे [...]
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शायरियां
Posted in शायरी, साहित्य, हिन्दी, Romantic, Shayari, Uncategorized, tagged मुक्तक, शायरी, Hindi, Literature, Maheep, Maheep Saraf, Poem, reletions, Sher on नवम्बर 21, 2009 | 2 Comments »