तेरे चेहरे पर ये गुस्सा ग़ज़ब हे, बहुत सताता हे याद तो इसकी भी आती हे, तेरे जाने के बाद —————————— ये वादा किया था उनसे मैं आऊंगा मिलने हर हाल में वापस थोडा वक़्त और लगेगा एक बार मौत को धोखा देने में शायद —————————— सपने हकीकत में बदलते क्यों नहीं, वो साथ हे [...]
Archive for नवम्बर, 2009
शायरियां
Posted in शायरी, साहित्य, हिन्दी, Romantic, Shayari, Uncategorized, tagged मुक्तक, शायरी, Hindi, Literature, Maheep, Maheep Saraf, Poem, reletions, Sher on नवम्बर 21, 2009 | 2 Comments »
ख्वाब
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Romantic, tagged ख्वाब, शायरी, Hindi, Literature, Maheep, Maheep Saraf, Poem, sapne, Sher on नवम्बर 5, 2009 | 3 Comments »
आज कुछ होश नहीं बस तेरी यादें हैं साथ में तेरी आँखें तेरी बातें तेरी खुश्बू मेरी हर बात में हर ख्वाब मे है तू, तेरी मुस्कुराहट यूँ चंचल सी और रोज़ नया एक ख्वाब हे हर नयी उस रात में
जाने क्यों
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Romantic, tagged शायरी, Hindi, Literature, Maheep, Maheep Saraf, Poem, Sher on नवम्बर 5, 2009 | Leave a Comment »
आज तेरी याद आ रही हे हर पहर हर पल, जाने क्यों तेरे सामने आया था कई बार पर कुछ कहा नहीं जाने क्यों चेहरे कई दिखते हैं सरे बाज़ार अकेला निकलता हूँ जब मैं पर तेरे चेहरे की यादें मिटती नहीं हैं अब भी, जाने क्यों