रिश्ते बहुत हैं इस संसार में, हर किसी को थोड़ा वक़्त चाहिए, मैं भी दुखी होता हूँ कभी कभी, मुझे भी किसी का प्यार चाहिए यूँ तो उन्होने मुझे थामा हे, दरिया के किनारे पर कई बार तूफ़ानी मझधार जब हो राह में, ऐसे मे भी किसी का साथ चाहिए. मैने कहा था एक बार [...]
Archive for जुलाई, 2009
रिश्ते
Posted in कविता, साहित्य, Gazal, Hindi Poems, Life, tagged रिश्ते, Hindi, Literature, Maheep, Poem, reletions, reletionship on जुलाई 30, 2009 | Leave a Comment »
वर्तमान
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, tagged बचपन, वर्तमान, Hindi, Literature, Maheep, Poem, Riot on जुलाई 15, 2009 | 1 Comment »
This poem I wrote last year during those serial blast in Mumbai, ahemdabad, jaipur, while watching some kids playing, from window of my flat in Mumbai.
हँसी
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, tagged हँसी, Hindi, Literature, Maheep, Poem on जुलाई 15, 2009 | 4 Comments »
हिरण हो वन में या तरंग पवन में दीपक हो जैसे तमस सघन में मीठी भोली हँसी तुम्हारी छाव मिली हो भारी तपन में वीणा की राग या भंवरे की गुंजन शाम की वेला मे इश् का वंदन हँसना मुस्कराना खिलखिलाना तेरा पावन जैसे दमकता कुन्दन
आहट
Posted in कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, tagged आहट, Hindi, Literature, Maheep, Poem on जुलाई 15, 2009 | 2 Comments »
कुछ जादू सा हे आज इन हवाओं में, जानी पहचानी सी सरगम हे इन सदाओं मे जाने क्यों तेरी आहट सी लगती हे ये जो महक सी हे इन फिजाओं में ये वादियाँ जो गीत गुनगुनाती हे कुछ रंग नये हैं आज इन दिशाओं में तेरी याद जो जाती हे छूकर मेरे दिल को रंगत [...]